भाजपा यूपी में बड़े संगठन और मंत्रिमंडल बदलाव की तैयारी, 15 मई के बाद फैसले संभव

भाजपा यूपी में बड़े संगठन और मंत्रिमंडल बदलाव की तैयारी, 15 मई के बाद फैसले संभव

BJP Prepares for Major Organizational

BJP Prepares for Major Organizational

लखनऊ। सरकार एवं संगठन में बड़े बदलाव को लेकर होमवर्क कर चुकी भाजपा फिलहाल 15 मई तक प्रतीक्षा करने की मुद्रा में नजर आ रही है। बंगाल, असम एवं पुडुचेरी में शपथ समारोह एवं बिहार मंत्रिमंडल विस्तार के बाद यूपी पर नए सिरे से फोकस किया जाएगा। उत्तर प्रदेश में पहले मंत्रिमंडल विस्तार होगा, जिसके बाद प्रदेश एवं क्षेत्रीय संगठन बनाया जाएगा।

देश की राजनीतिक चाल तय करने वाले यूपी को भाजपा ने प्रतिष्ठा का विषय बना लिया है। लखनऊ से लेकर नई दिल्ली तक कई स्तरों पर मंथन करने के बावजूद भाजपा किसी निर्णय की जल्दबाजी नहीं दिखा रही है। पहले माना गया कि बंगाल चुनाव परिणाम जारी होते ही यूपी में बदलाव का गियर लगा दिया जाएगा। लेकिन पार्टी ने ऐसा नहीं किया।

पांच राज्यों के चुनाव में भाजपा ने बंगाल, असम एवं पुडुचेरी को जीत लिया, जहां सरकार के गठन में भाजपा पूरी तरह व्यस्त रहेगी। सात मई को बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाले नए मंत्रिमंडल का गठन होगा। आठ मई को असम में सरकार का शपथ समारोह है, जहां इन दोनों स्थानों पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी समेत सभी बड़े दिग्गज पहुंच सकते हैं।

नौ मई को बंगाल में शपथ समारोह

नौ मई को बंगाल में शपथ समारोह में भाजपा पूरी ताकत झोंकेगी। इसके बाद राष्ट्रीय एवं प्रदेश इकाई पूरी तरह यूपी पर केंद्रित होकर राजनीतिक धरातल को मथेगी। पिछले दिनों की भाजपा की राजनीतिक चाल देखें तो पार्टी ने यूपी में बैठकों एवं अभियानों की धार को तेज रखा।

मंत्रिमंडल विस्तार एवं प्रदेश इकाई के गठन को लेकर लगातार उठ रही चर्चा के बीच पार्टी ने महिला जनाक्रोश अभियान 30 अप्रैल तक चलालया। सिर्फ अप्रैल माह दिल्ली और लखनऊ में कई बड़ी बैठकें की गईं, जिसको लेकर कार्यकर्ताओं का कौतूहल बढ़ा रहा।

राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े ने 12 और 13 अप्रैल को लखनऊ में रहकर पूर्व प्रदेश अध्यक्षों एवं मंत्रियों से फीडबैक लिया। असल में 26 फरवरी को 11 जिलाध्यक्षों की घोषणा के बाद भाजपा संगठन एवं सरकार को लेकर कोई प्रदेश स्तरीय निर्णय नहीं ले सकी है।

16 नामों पर चर्चा

चर्चा रही कि कुछ नामों पर खींचतान इतनी ज्यादा है कि पार्टी को अभियानों के बहाने निर्णय को टालना पड़ा। अब भाजपा की नजर यूपी में पहले मंत्रिमंडल विस्तार पर है जिसमें 16 नामों पर चर्चा हुई है। क्षेत्रीय एवं जातीय समीकरण देखते हुए फिर प्रदेश इकाई का गठन होगा। एक साथ दो पदों पर कार्यरत कई लोगों के स्थान पर नए चेहरे रखे जाएंगे। चुनावी राज्य होने की वजह से यूपी से पांच नामों के राष्ट्रीय टीम में पहुंचने की चर्चा है।